आर्टिमिस के मन्दिर की वर्तमान फोटो

आर्टिमिस मन्दिरमैप पिन

लघु आर्टिमिस मन्दिरआर्टिमिस का मंदिर इफिसुस शहर ,आधुनिक तुर्की में स्थित है। इसे आर्तिमिसो के रूप में भी जाना जाता है। छठी शताब्दी ईसा पूर्व में, मंदिर का निर्माण किया गया था और यह प्राचीन विश्व के सात आश्चर्यों में से एक था। इसके यूनानी दुनिया के ऊँचे कगार पर स्थित होने के कारण गैर-यूनानियों की यूनानी दुनिया के प्रति प्रशंसा और ध्यान बढ़ाने में मदद मिली। दुनिया में इफिसुस, इतिहास और सुंदर सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के साथ बंधे प्राचीन स्थलों में से एक है। इस प्राचीन स्थल में बहुत सारे आकर्षक स्थान हैं जहाँ आप जा सकते हैं और इनमें से एक है आर्टिमिस का मंदिर।

आर्टिमिस मंदिर को आर्टिमिस, शिकार की यूनानी देवी और चंद्रमा को अर्पित करते हुए लिडिया के राजा क्रोएसुस द्वारा बनाया गया था। यह क्रेते के वास्तुकार चेरिसिप्रोन द्वारा उसके बेटे मेटेनेस की मदद से डिज़ाइन किया गया और बनाया गया था।

मंदिर का स्थान

एशिया माइनर में मंदिर का स्थान वाणिज्यिक सडकों के मिलाप के पास है, यही कारण है कि धार्मिक मान्यताओं के भिन्न होने पर भी विभिन्न आगंतुकों की एक विस्तृत श्रृंखला इस संरचना को देखने के लिए आकर्षित होती है। दूसरा मुख्य कारण यह भी है कि, आर्टिमिस के पंथ ने साइबेल, एक अन्य देवता जैसे पूजा तत्व को भी शामिल कर लिया था। इफिसुस का मंदिर एक धार्मिक संस्था होने के साथ साथ एक बाज़ार के रूप में भी कार्य करता था। यहाँ बहुत सारे पर्यटक, व्यापारी, राजा और कारीगर आते हैं जो देवी आर्टिमिस को अपना मुनाफा आदि साझा करते हैं।

मंदिर का प्रभावशाली डिजाइन

मंदिर का डिज़ाइन आप मंदिर को देखते ही तुरंत हैरत में पड़ जाएंगे कि इफिसुस में आर्टिमिस के मंदिर का डिज़ाइन कितना प्रभावशाली है। जो डिजाइन को प्रभावशाली बनाता है वह इस प्रकार है:

  • डिजाइन में एक आयताकार पोर्टिको शामिल नहीं है जो पहले से ही यूनानियों के लिए आम था, बल्कि इसमें निकट-पूर्वी और पारम्परिक यूनान से आने वाले डिजाइनों का एक शानदार मिश्रण है।
  • मंदिर में एक अच्छी तरह से सजाया गया सामने का हिस्सा है, जिसके सामने एक उज्ज्वल और व्यापक आंगन है।
  • इसमें 60 फीट की ऊंचाई के 127 स्तंभ हैं जिन्हें प्रभावशाली ढंग से डिजाइन किया गया है और स्तंभ के किनारों पर गोलाकार नक्काशी है।
  • दुनिया के अन्य मंदिरों के विपरीत, आर्टीमिस का मन्दिर एक भव्य संगमरमर का बुनियादी ढांचा था, जिसकी ऊंचाई 377 फीट और चौड़ाई 180 फीट थी। भवन का चबूतरा सीढ़ियों से घिरा है, वो भी संगमरमर से बना था।
  • कॉलम पर साधारण बांसुरी पर अंकित करने के बजाय उत्कृष्ट मूर्तिकला दृश्यों से सुसज्जित किया गया है। मंदिर का केवल बाहरी भाग असाधारण रूप से सुंदर नहीं है, बल्कि इसका आंतरिक भाग भी बेहद खूबसूरत है। आर्टेमिशन के अंदर अमेज़ॅन योद्धाओं की मूर्तियां पाई जाती हैं जो कि बहुत ही सम्मानित और अद्भुत ग्रीक मूर्तिकारों, फिडियास और पॉलीक्लाइटस द्वारा बनाई गई थीं।
  • दीवारें सुंदर चित्रों से सजी हुई हैं और इसके स्तंभ चांदी और सोने से जड़े हुए हैं। मंदिर में एक पंथ प्रतिमा है, लेकिन ओलंपिया में ज़ीउस की मूर्ति की तुलना में ज़्यादा बड़ी नहीं है। यह ठीकठाक कद की है और संगमरमर से बने चबूतरे पर खड़ी है।

मंदिर में विनाश की एक श्रृंखला

21 जुलाई, 356 ईसा पूर्व में, मंदिर को हिरोसरैट्स द्वारा जला दिया गया था। उसे इफिसुस मंदिर या स्वयं आर्टिमिस से कोई शिकायत नहीं थी। उसने विनाश को अपने स्वयं के भले के लिए मिलने वाली व्यक्तिगत प्रसिद्धि के संभावित तरीके के रूप में देखा। सिकन्दर महान की मृत्यु के बाद, मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया था, लेकिन 262 ईसा पूर्व में गोथ द्वारा मंदिर को फिर नष्ट कर दिया गया। इमारत की सुंदरता को बहाल करने के लिए मंदिर के अवशेषों का उपयोग करके मंदिर को फिर से बनाया गया।

मैंने भव्य बेबीलोन को देखा है, जिस पर रथों के लिए एक सड़क है, और एलफ़ियस द्वारा ज़ीउस की प्रतिमा, लटकते हुए बागान, सूर्य के स्तम्भ, और उच्च पिरामिड के विशाल श्रम, और मौसोलस का विशाल मकबरा भी देखा है; लेकिन जब मैंने आर्टिमिस के भवन को देखा, जो बादलों के बीच था, तो उन अन्य अद्भुत निर्माणों ने अपनी चमक खो दी, और मैंने कहा, "ओलिंपस के अलावा, सूरज ने कभी भी इतना भव्य कुछ नहीं देखा"

आर्तिमिसो का अवशेष

मंदिर के अवशेष मंदिर के कुछ ही अवशेष ही बचे हैं। जब आप हमारे किसी एक टूर पर होते हैं, तो आप मंदिर के अंतिम अवशेषों को देख पाएंगे। इस अवशेष के स्थान को वर्ष 1859 में खोजा गया था। उसी वर्ष में, विभिन्न प्रकार की खुदाई शुरू हुई। जैसे जैसे खुदाई का काम होता गया, मंदिर की कई कलाकृतियाँ आख़िरकार खोद कर निकली गयीं। इन कलाकृतियों को अब ब्रिटिश संग्रहालय, लंदन में रखा गया है। कई स्तनों वाली आर्टिमिस की मूर्ति आर्टिमिस के मंदिर का एक ज्ञात प्रतीक थी, लेकिन यह तीन अलग-अलग चीजों का प्रतीक भी है:

  • प्रचुरता
  • शिकार
  • वन्य-जीवन

विनाशकारी आग के दौरान, आर्टिमिस की प्रतिमा को हटा दिया गया था। प्रतिमा को अब इफिसुस संग्रहालय जो सेल्कक में है, वहाँ इसे प्रदर्शित और पुनर्स्थापित किया गया है। क्षेत्र में हाल ही में की गई पुरातात्विक खुदाई में कुछ उपहार भी मिले और पता चला है कि कुछ झुमके, हार और कंगन तीर्थयात्रियों के द्वारा यहाँ भेंट चढाये गये हैं। भारत और फारस से आने वाले कलाकृतियाँ भी पाई गयीं हैं।

इफिसुसकी साइट, जहां सेल्कक में मंदिर स्थित है, वहाँ केवल कुछ पुनर्निर्मित स्तंभ अभी भी खड़े हैं। ये स्तंभ मंदिर की भव्य सुंदरता की यादगारी के रूप में कार्य करते हैं, और याद दिलाते हैं कि क्यों इसे प्राचीन विश्व के सात आश्चर्यों में से एक माना गया था।

Share this page

निजी इफिसुस टूर्स

65USD
कुसाडासी इफिसुस टूर

प्राचीन इफिसुस शहर के खंडहर और आसपास के आकर्षणों के लिए निजी टूर। पर्यटन में करीब 6 से 7 घंटे लगते हैं

70USD
इज़मिर इफिसुस टूर

इज़मिर से शुरू करते हुए, इफिसुस का टूर करें। आसपास के सबसे महत्वपूर्ण आकर्षणों को देखें । इसमें 5 से 6 घंटे लगते हैं

70USD
इस्तानबुल इफिसुस टूर"

हवाईजहाज से इस्तानबुल से इज़मिर आयें और इफिसुस के आश्चर्यों को देखें & निजी टूर में

क्या देखें, ये सोच रहे हैं ?

पुरातत्व संग्रहालय
इफिसुस पुरातत्व संग्रहालय

संग्रहालय में दो मुख्य खंड हैं, अर्थात् पुरातात्विक खंड और नृवंशविज्ञान खंड। की स्थापना की गई थी और खुदाई के दौरान निकली कलाकृतियों को संग्रहित करके संग्रहालय में लाया गया।

प्रमाण & रिव्यू

Our Guide brought Ephesus to life for us & was extremely informative; we even had people listening to him & complimenting him on being a much better guide than theirs from other companies. He guided us expertly to be at the front of the queues & out of the heat as quickly as possible.”

JoyLaister, York, United Kingdom

▼ We are everywhere! ▼